कोक स्टूडियो सुनो, बस खो जाओ !

By Rohit Gupta in Music Tags: Music, Coke Studio, India, Pakistan, Ghazals, Sufi.

दिलों का शूटर, लव चार्जर सुनकर अगर कान से खूंट निकल चुका हो तो इधर आओ , तुमको बताऐं पाकिस्तान के कोक स्टूडियो के म्यूज़िक के बारे में, सीज़न 10 आया है, एक से एक सुरीले नगमें कि जेहनी रूह खुसरो हो जाएगा गुरू, और इन गानों को सुनकर देशद्रोही भी नहीं कहे जाओगे,जैसा कि फवादवा बेचारे की पीच्चर देखने पर कुछ लोग गरियाये गए थे। काहें से कि संगीत का कौनो बॉर्डर नहीं होता है न, तो बॉर्डर छोड़ आओ जे पी दत्ता के पास और फौरन जीयो में 303 भराए हो अगर तो डाउनलोड कर लो सब गाना सीज़न 10 कोक स्टूडियो का।

1. रोने ना दिया


बाकी गाने तो सबही ब्यूटीफुल एंड सूदींग हैं फिर भी चूज़ी ऐंड सलेक्टिव फैलास् (जो पेड़ा छील देते हैं फिर फांकते हैं) को बताने जा रहा कि एक गाना है “रोने न दिया” जिसको आवाज़ दी है सज्जाद अली ने, और इ नगमा लिखे रहे सुदर्शन फकीर, और इसको जगजीत सिंह भी गाए रहे , चित्रा सिंह के साथ।

2. रंग लागा


सज्जाद अली ने सीज़न 4 में एक खुसरो का लिखा मुकरी भी गाया था, सनम मारवी के साथ “रंग लागा”, भाईसाब जबर कंपोज़ीशन रहा , रोंगटे नाच जाते हैं सुनके ।

3. रंजिश ही सही


आगे इस सीज़न का एक और सजेशन है “रंजिश ही सही”, जो मेहंदी हसन साहब गाए रहे, सुने तो होंगे ही किसी न किसी बार में गुरू, फिर से यहां गाए हैं अली सेठी , सुनो इसको , लेकर बैठ जाओ गिलास भर के इयर फोन खोंस के, अली सेठी ने एकदम हिला दिया है माइक।

4. फ़ासले


जो लोग चक्कर खा रहें हों इसकबाजी में उनके लिए कुर्र्तुलएन बलूच और जफर जैदी का “फासले” है ।

5. मुझसे पहली सी मुहब्बत


“मुझसे पहली सी मुहब्बत मेरे महबूब ना मांग” हुमैरा जी और नबील शौकत गाऐ हैं।

6. सईयोनी


सईयोनी सुने ही होगे जुनुन बैंड वाला , जिसने 90s में , जब लौंडे एसआरके का डीडीएलजे वाला क्रास जीजस वाला लॉकेट पहन के , सलमान वाला ओ ओ जाने जाना करते हुए रेक्सा, टेम्पू विक्रम के पीछे गल्स को घर तक छोड़ने जाते थे(कुछ तो साले साइकल ही दौड़ा देते थे), तब एक नइ पौध दी थी उन लौंडों की जो फटा जीन पहन के, मुंह में नेवी कट और छोटका गोल्ड फलेक ठूंस के हाथ में सेकंड हैंड गीटार लेके अलग ही घूमते थे। उसी सयोनी का न्यू वर्ज़न आया है, राहत फतेह अली खान और अली नूर ने गाया है।

7. जूली


ओके फेलास् लास्ट बट नॉट लीस्ट अली जफर का “जूली” जिसमे जैज, रॉक, सूफी, ये वो सब है..एक नं का झूमाउ गाना है, ऐसा ही एक बार कौनो सीज़न मे अली “रॉकस्टार” गाए थे जिसमे कह रहे थे कि ‘शीला, या रेशम या किम कार्डीशन, मै सबका हूं यार, क्योंकि अलाउड तो है चार’ …

तो गुरू डाउनलोड स्टार्ट करो, फिर मिलते हैं. यहां फिलहाल यही मुद्दा था कि पाकिस्तान फैक्ट्री बेहतरीन संगीत की उतनी ही है जितनी टेररीज़्म की है, एक यही संगीत है जो दोनो तरफ के आम इंसानों को कनेक्ट करता है...काश संगीत और कला भारी पड़े ..आमीन्..


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